चाँद गिरा है - कुछ नज़्में कुछ नग़्में
by Jyoti Arya
2019156 pagesHindi
About the book
ज्योति आर्या की शाइरी एक मुन्फरीद शक़्ल लिए हुए है। उनका पहला शेरी-मजमुआ 'जुगनुओं के बल्ब' बेस्टसेलर के लक़ब से गुज़रा, हिंदी और अंग्रेज़ी के आला अखबारोंमें उसके बारे ज़िक्र हुआ। उसने अपने लिए ऐसे पढने वालेतलाशे,जिन्होंने उनकी शाइरी को बेइंतिहा मुहब्बत बख़्शी, जिसके चलते क़िताब का दूसरा संस्करण पहले संस्करण के छह महीने बाद ही आ गया।
ज्योति कादूसरा शेरी-मजमुआ "चाँद गिरा है"आपके हाथोंमे है।नज़्मों, दुआओ, अशआ'र औरनग़्मोको खुद में समेटे हुए ये मजमुआ इक जरख़ेज़ झुरमुट है पुर-सुकून शाइरी का,जो सरल हिन्दुस्तानी ज़बां में शाया हुआ है।
Editions
| Format | ISBN | Price | |
|---|---|---|---|
| Paperback | 9789389110203 | ₹295 |
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