Paperback₹295
Buy on Amazonनारीत्व का अस्तित्व (Naareetv Ka Astitv)
2022Hindi
About the book
and Author डा॰ अपर्णा प्रधान एक लेखिका, चित्रकार और कवयित्री हैं। साहित्य और चित्रकारी के क्षेत्र में अनेक पुरस्कारों से सम्मानित हैं। ‘‘नारीत्व का अस्तित्व” आपका दूसरा काव्य संकलन है। आपका मानना है कि नारी समाज का एक महतवपूर्ण अंग है, सृष्टि का आधार है। किसी भी समाज या देश की उन्नति के लिए नारी का सम्मान होना बहुत ज़रूरी है। नारी जीवन के जो पहलू आपके मन को छू गए या उद्वेलित कर गये, उनका उद्भव कविताओं के रूप में आपकी कलम से निकलकर इस काव्य संग्रह में अभिव्यक्त हुआ है। स्त्री आधारित विषयों और उसके विभिन्न रूप, नारी का मर्म, नारी शक्ति और आधुनिक दौर की नारी पर अनेक कविताएँ इस पुस्तक की शोभा बढ़ा रही हैं। आपने इस पुस्तक में नारी के मन के भाव, संवेदनाएँ और समाज का नारी के प्रति रवैया को कविताओं के ज़रिए व्यक्त करा है।जब कलम संवेदनाओं की गलियों से गुज़रती है तो नारी मर्म महसूस होता है। कुछ प्रश्नवाचक कविताएँ हैं – ‘‘आख़िर क्यों”- शीर्षक के अंतर्गत उन विषयों पर कविताएँ लिखी हैं जो आपको नारी जाति के प्रति अत्याचार लगते हैं जैसे कि पर्दा प्रथा, नारी शोषण, बाल विवाह, दहेज, भ्रूण हत्या इत्यादि। इस काव्यसंग्रह का प्रत्येक पृष्ठ अपने आप में एक कहानी समेटे है। आख़िर नारी का अस्तित्व क्या है? क्यों उसके अस्तित्व को सम्मान नहीं मिलता? नारी होना इतना आसान नहीं। क़दम क़दम पर नारी की परीक्षा ली जाती है। आख़िर सारी पाबंदियाँ नारी पर ही क्यों… आपने इन विषयों पर अनेक कविताओं के माध्यम से नारी की वास्तविक स्थिति बताई है । आपकी आख़िरी कविता “नारी वसुधा एक समान” पढ़कर आप ये महसूस करेंगे कि नारी पृथ्वी की भाँति धैर्यवान, शांति सम्पन्न और सहिष्णु होती है परंतु वो कमज़ोर नहीं है।
Editions
| Format | ISBN | Price | |
|---|---|---|---|
| Paperback | 9789355291455 | ₹295 | Amazon |
Subjects
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