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Cover of Yogini Mandir - Ek Stri Kee Sangharsh Katha

Paperback₹350

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Searches Amazon.in for ISBN 9789386722553.

Yogini Mandir - Ek Stri Kee Sangharsh Katha

by Satya Prakash Aseem

2017152 pagesHindi

About the book

'योगिनी मंदिर' न तो केवल एक राजनीतिक या सामाजिक उपन्यास है और ना ही कोई धार्मिक अथवा मानवीय संबंधों की कथा है। कहना होगा कि यह इन सबका एक निचोड़ है। 'योगिनी मंदिर' का कथानक उत्तर भारत के ठेठ ग्रामीण परिवेश में स्थापित है जिसमें वर्ग एवं जाति, सामाजिक आदर्शवाद और सुधारक, कठोर हिंसक नक्सलवादी वामपंथ, बाहुबल, सम्पन्नता, गरीबी के बीच उत्तरजीविता, महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति और दूसरी ओर निर्वाण की उत्कंठा आदि का एक ज़बरदस्त मिश्रण है। इस उपन्यास की नायिका इमरती एक ग्रामीण महिला है जो कि दलित होने के साथ एक भूमिहीन मज़दूर है। उसका संघर्ष, राजनीति के रंगमंच पर उसका त्वरित उत्कर्ष, अपने राजनीतिक गुरुओं की छाया से तेज़ी से निकलना .....और राजनीति के चरम पर पहुँचने तक हार न मानने का उसका अदम्य साहस...इस संघर्ष की राह के उसके साथी, संरक्षक, गुरु, निंदक, राजनीतिक उदय के दौरान उसका कुछ बातों को अपनाना और कुछ अन्य को ना अपना पाना ....और अंत में उसका अपने जीवन के लिया गया अंतिम निर्णय आदि उसकी इस असम्भव सी कथा और जीवन को जानने, समझने हेतु पाठकों को इस पुस्तक को पढ़ना ही होगा। लेफ़्टिनेन्ट कर्नल श्याम सुंदर शर्मा शौर्य चक्र ( से. नि.), संपादक और कवि

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Paperback9789386722553₹350

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